इन चीजों का सेवन करने से होंगी बीमारिया दूर

सर्दीयां आ गई है। तापमान में गिरावट आपकी सेहत पर बूरा असर डाल सकता है। इस मौसम में आपको खांसी, सर्दी और बुखार होने का खतरा रहता है। ऐसे में बीमारी से बचने के लिए खानपान में बदलाव करना जरूरी है। कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें खाकर आप अपने आप को सर्दियों में गर्म रख सकते हैं।



गुड़ और घी
गुड़ और घी का संयोजन साइनस को साफ करने और ठंड रोकने में मदद कर सकता है। लंच और डिनर के बाद कुछ गुड़ में एक टी स्पून घी मिलाएं। आप इसे बाजरे की रोटियों के साथ भी खा सकते हैं। गुड़ आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाता है और शरीर को गर्म रखता है। यह खांसी और सर्दी का इलाज करने में मदद कर सकता है और शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखता है। दूसरी ओर, घी कब्ज को रोक सकता है, पाचन को सुचारू कर सकता है।


मक्का
मक्का एक अन्य पोषण संबंधी अनाज है। मकई का आटा गेहूं के आटे का एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है। इसमें बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन होते हैं। यह आपकी त्वचा, बाल, हृदय, मस्तिष्क और पाचन के लिए भी अच्छा है। मक्के की रोटी विटामिन ए, सी, के, बीटा-कैरोटीन और सेलेनियम का अच्छा स्रोत है।

कुल्थी दाल
कुल्थी दाल न केवल गुर्दे की पथरी को रोकने में मदद करती है, बल्कि त्वचा और खोपड़ी को सर्दियों के दौरान अच्छी तरह से हाइड्रेटेड और पोषित रहने में मदद करती है। इस दाल को आप चावल और घी के साथ खा सकते हैं। तेज सर्दी के दौरान यह दाल विशेष रूप से सहायक होती है।

बाजरा, मकई और गुड़ सर्दी में शरीर को काफी फायदा देता है।


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आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।