पत्रकारों को अपनी फरियाद लेकर अधिकारी के दरवाजे पर पहुंचना पड़ रहा है..
उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म हो गया है? कानून का राज चल रहा है क्योंकि ये योगीराज चल रहा है... लेकिन दोस्तों इतना सब कुछ होने के बाद भी प्रदेश में पत्रकारों को अपनी फरियाद लेकर अधिकारी के दरवाजे पर पहुंचना पड़ रहा है.. तो सवाल है कि कौन सा माफियाराज खत्म हो गया है? सवाल है कौन से कानून का राज चल रहा है? सवाल है कौन सा योगीराज चल रहा है मेरठ के पत्रकार राहुल राणा ने एक खबर चलाई और एक ऐसे माफिया के बारे में बताया, जो बेखौफ होकर मेयर पर पिस्टल तान चुका है, जो पार्षदों को देख लेने की धमकी दे चुका है.. जिसे नगर निगम ने होर्डिंग का ठेका देने के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया था.. खबर चलाई गई... साक्षों को आधार बनवाया गया.. अखबारों की कटिंग को आधार बनाया गया और पूछा गया कि आखिर एक ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को टेंडर किस आधार पर दिया गया... एक माफिया को मेरठ नगर निगम और यहां का प्रशासन संरक्षण क्यों दे रहा है..? बस इसी बात से बौखलाकर होर्डिंग माफिया ज्ञानेंद्र चौधरी ने पत्रकार राहुल राणा को पहले तो फोन पर धमकी देना शुरु किया उसके बाद पत्रकार राहुल राणा के परिवार वालों को हानि पहुंचाने के मकसद स...