भौतिक और रसायन विज्ञान ने परखी छात्रों की वैज्ञानिक समझ


मेरठ। बोर्ड परीक्षा 2020 के अंतर्गत सोमवार को आइएससी-12वीं का केमिस्ट्री और सीबीएसई-12वीं में फिजिक्स की परीक्षा हुई। दोनों ही पेपर पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार कठिन बताए जा रहे हैं। केमिस्ट्री के पेपर में जहां रीजनिंग अपेक्षा के अनुरूप अधिक कठिन देखने को मिले वहीं फिजिक्स के पेपर में डायरेक्ट प्रश्नों की कमी दिखी। फिजिक्स के पेपर में पहली बार 20 अंक का बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए जिनके उत्तर लिखने के लिए महज ऊपरी तैयारी नहीं बल्कि संबंधित की विस्तृत जानकारी जरूरी थे। विज्ञान के दोनों विषयों में संबंधित बोर्ड ने पेपर के जरिए परीक्षार्थियों के विज्ञान व वैज्ञानिक समझ को परखने की कोशिश की गई है। दो विषय शिक्षकों के अनुसार इन पेपर्स में इस साल 99 या 100 अंक पाना बेहद कठिन होगा।


फिजिक्स के ऑब्जेटिक्व बने मुसीबत: सीबीएसई-12वीं के पेपर में पूछे गए 20 अंकों के ऑब्जेटिक्व प्रश्न सीधे नहीं पूछे गए थे। इन प्रश्नों के उत्तर देने में परीक्षार्थियों को अधिक सोचना पड़ा। शिक्षकों की मानें तो फिजिक्स का पेपर पिछले सालों की तुलना में इस साल काफी कठिन रहा। वैसे सभी प्रश्न सिलेबस के भीतर से ही पूछे गए लेकिन कांसेप्ट बेस्ड प्रश्नों की संख्या अधिक दिखी। ऐसे प्रश्नों को परीक्षार्थियों के संबंधित बिंदु पर सोचने व समझने के दायरे को परखने के लिए ही पूछा जाता है।


केमिस्ट्री में ऑर्गेनिक ने बिगाड़ा गणित: आइएससी-12वीं केमिस्ट्री का पेपर का स्तर भी इस साल काफी अच्छा रहा। सेंट मेरीज एकेडमी के शिक्षक एसपी सिंह के अनुसार पेपर में पूछे गए सभी प्रश्न सिलेबस के भीतर से ही पूछे गए जिसमें इस साल बदले पैटर्न का भी असर देखने को मिला। पिछले साल से आइएससी में भी एनसीईआरटी बेस्ड सिलेबस लागू कर दिया गया है। पेपर में ऑर्गेनिक पव इन-ऑर्गेनिक के रीजिनिंग के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को बहुत ज्यादा सोचने पर विवश किया है। कुछ बच्चों से मिली फीडबैक के अनुसार उन्होंने जो उत्तर बताया वह गलत निकला। करीब चार अंक के ऐसे प्रश्न शायद ही कुछ बच्चे सही हल कर सके होंगे। इसलिए इस पेपर में पूरे अंक पाना बहुत मुश्किल है।


सीबीएसई की ही तर्ज पर यूपी बोर्ड परीक्षा में भी आइटी यानी इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को वोकेशनल विषय के तौर पर जोड़ा गया है। इस पेपर का प्रचार-प्रसार न होने और शिक्षकों की कमी के कारण स्कूलों ने भी छात्रों को यह पेपर लेने के लिए प्रेरित नहीं किया। इस साल की बोर्ड परीक्षा में जिले में एक हाईस्कूल परीक्षार्थी आइटी की परीक्षा देगा। यह छात्र आदर्श इंटर कॉलेज पूटखास का है और उसका परीक्षा केंद्र गांधी स्मारक इंटर कॉलेज दबथुआ में है। किसी तरह परिषद की ओर से आइटी का पेपर नहीं भेजा गया। केंद्र पर परीक्षार्थी की उपस्थिति को देखते हुए पेपर की डिमांड परिषद मुख्यालय तक भेजी गई और परिषद मुख्यालय ने सोमवार को केंद्र को मुहैया कराया जिससे परीक्षार्थी मंगलवार को परीक्षा में शामिल हो सके। सेामवार को यूपी बोर्ड की परीक्षा में 10वीं चित्रकला और कंप्यूटर और 12वीं कृषि, मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र और तर्कशास्त्र की परीक्षा हुई। सभी पेपर परीक्षार्थियों के लिहाज से सामान्य रहे। 10वीं चित्रकला का पेपर कई परीक्षार्थियों के लिए अंतिम पेपर होने के कारण बच्चों ने परीक्षा के बाद एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं भी दीं।


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आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।