पहुंची कटा कान लेकर, तब दर्ज हुआ मुकदमा
मेरठ। एसएसपी आवास के पास फायरिग मामले में फजीहत कराने के बाद लालकुर्ती पुलिस का एक और कारनामा चर्चा में है। रविवार रात घोसी मोहल्ले में हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने सिर्फ शांति भंग में कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया। सोमवार को पीड़ित महिला अपना कटा हुआ कान लेकर कप्तान ऑफिस पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। तत्काल ही एसपी सिटी ने इंस्पेक्टर को लताड़ लगाकर आदेश दिए, तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया।
लालकुर्ती थाने के घोसी मोहल्ले में बबलू सिंह और जयसिंह में पुरानी रंजिश चल रही थी। रविवार की रात बबलू और जयसिंह पक्ष में मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि जयसिंह ने अपने साथी संजय और अंकुश के साथ मिलकर बबलू की पत्नी गायत्री का कान काट लिया। कान के कुंडल भी छीन लिए। सूचना के बाद लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। जयसिंह को मौके से उठाकर थाने ले आई। पीड़ित परिवार ने मामले की तहरीर दी। उसके बाद भी पुलिस ने जयसिंह पर शांति भंग में ही कार्रवाई की।
सोमवार को जब पीड़िता अपने कटे हुए कान को पॉलीथिन में डालकर एसएसपी ऑफिस पहुंची तब लोग चौंक गए। बहरहाल, उसने वहां मौजूद एसपी क्राइम को पूरी जानकारी दी। इसपर एसपी क्राइम ने इंस्पेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने इंस्पेक्टर को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने लाइन में आमद दर्ज कराने की चेतावनी तक दी। उसके बाद इंस्पेक्टर ने भरोसा दिलाया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कार्रवाई पर पर्दा डालती रहती है लालकुर्ती पुलिस
हर घटना में लालकुर्ती पुलिस कार्रवाई पर पर्दा डाल रही है। यही कारण है कि दो दिन पहले लालकुर्ती क्षेत्र में सांप्रदायिक टकराव हो गया था। उससे पहले एसएसपी आवास के बाहर फायरिग की घटना में फजीहत कराने के बाद मुकदमा हुआ। उसके बाद अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उसके बाद अब महिला के कान काटने पर शांति भंग की कार्रवाई की गई। एसपी सिटी ने बताया कि सीओ से एसएसपी ने सभी प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी है, ताकि इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।