थाना फलावदा पुलिस द्वारा हत्या के अपराध में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

 दिनांक 29.07.2021 को थाना फलावदा पर पंजीकृत मु0अ0स0 107/2021  धारा 302 भादवि से सम्बन्धित प्रकाश में आये वाछिंत अभियुक्त मोनू उर्फ विशान्त चौधरी पुत्र योगेन्द्र निवासी ग्राम झिझांडपुर थाना फलावदा जनपद मेरठ  की गिरफ्तारी हेतु थानाध्यक्ष फलावदा के नेतृत्व में पुलिस टीम के द्वारा दिनांक 01.08.2021 को मुकदमा उपरोक्त में वाछिंत घटना के आरोपी मोनू उर्फ विशान्त चौधरी उपरोक्त को मस्कन से गिरफ्तार किया गया है । गिरफ्तार अभियुक्त  मोनू उर्फ विशान्त चौधरी के द्वारा गिरफ्तारी के पश्चात पूछताछ के दौरान घटना में प्रयुक्त आला कत्ल एक अदद तंमचा .315 बोर  निशानदेही पर अपने घेर के पीछे चरी के खेत से बरामद कराया गया है । जिसके सम्बन्ध में दिनांक 01.08.2021 को थाना फलावदा पर मु0अ0स0 108/2021 धारा 3/25/27 आयुध अधिनियम बनाम मोनू उर्फ विशान्त चौधरी पुत्र योगेन्द्र निवासी ग्राम झिझांड़पुर थाना फलावदा जनपद मेरठ के विरूद्ध  पंजीकृत कर अभियुक्त उपरोक्त को अग्रिम न्यायिक विधिक कार्यवाही हेतु समक्ष माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया जा रहा है दिनांक 28/29.07.2021 को ग्राम झिझांडपुर हुई हत्या की घटना से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोग 107/2021 धारा 302 भादवि की विवेचना के दौरान प्रकाश में आये अभियुक्त मोनू उर्फ विशान्त चौधरी उपरोक्त ने गिरफ्तारी के पश्चात पूछताछ के दौरान बताया कि मोनू उर्फ विशान्त के पिता योगेन्द्र की पहली शादी ग्राम वाजिदपुर थाना खतौली मु0नगर से मोनू की माता दयावती से हुई थी । दयावती के मोनू सहित 04 संतान है सबसे बड़ी बहन सोविका उर्फ रीना है जो शादीशुदा है उससे छोटा आरोपी मोनू उर्फ विशान्त है तथा मोनू से छोटा राजीव कुमार है जो शादीशुदा है मर्चेन्ट नेवी में कार्य करता है सबसे छोटा निशान्त है जो खेती बाड़ी का कार्य करता है । मोनू उपरोक्त की माता दयावती का देहान्त मोनू के बचपन में ही हो गया था । इसके बाद हमारे पिता योगेन्द्र ने ग्राम बटावली बहसूमा मेरठ से परमिला से दूसरी शादी कर ली थी । सौतेली माँ परमिला का भाई संजय पुत्र राजेन्द्र अधिकतर मोनू उपरोक्त के घर पर ही रहता था । जो अपराधी प्रवृति का व्यक्ति था उसके पास अपराधी किस्म के लोगों का आना जाना रहता था । मृतक संजय के विरुद्ध थाना बहसूमा व मीरापुर में आपराधिक मुकदमें पंजीकृत थे। संजय से मोनू के परिवार वाले डरते थे इसलिये कुछ नही कह पाते थे मोनू की सौतेली माँ, अपने भाई संजय के पक्ष में रहती थी । संजय मामा मोनू उपरोक्त के पारिवारिक मामलों में अत्यधिक हस्तक्षेप करता था तथा मोनू उपरोक्त पारिवारिक निर्णय खुद लेने लगा था । मोनू उपरोक्त उसका सबसे ज्यादा विरोध करता था । संजय मुझे मार देना चाहता था उसने व मोनू की सौतेली माँ परमिला ने तांत्रिक से मिलकर मोनू पर तांत्रिक क्रिया करायी हुई थी मोनू के सीने में दर्द रहता है मोनू ने अपने आप को अच्छे से अच्छे डाक्टरों को दिखाया किन्तु कोई लाभ नही मिला तब मोनू एक बाबा से मिला उसने मोनू को बताया कि तुम पर किसी ने तात्रिंक क्रिया की हुई है । इसलिए मोनू को कोई दवाई आराम नही करती । एक दिन मोनू ने बीयर पी ली थी । संजय ने मोनू की डन्डे से बहुत पीटाई की थी । मोनू के लगने लगा था कि संजय (मोनू का मामा) एक ना एक दिन उसे जान से मार देगा । इसी वजह से मोनू अपने घर से अलग घेर में खुद खाना बनाकर खाता था क्योकिं मोनू को लगने लगा था कि संजय मामा उसे खाने में कुछ देकर भी मार सकता है ।  इसी वजह से मोनू ने मामा संजय को मारने की ठान ली थी । संजय मामा अपने पास तंमचा रखता था एक दिन मौका देखकर संजय मामा का तंमचा चुराकर अपने पास रख लिया था और संजय को मारने की फिराक में लग गया था ।  संजय पहले छत पर सोता था । जहाँ मोनू, संजय मामा को नही मार सकता था । दिनांक 28/29.07.2021 की रात्रि में बारिश का मौसम होने के कारण संजय मामा छत पर न सोकर बरामदे में लेटा था । मोनू ने देखा आज मौका बहुत अच्छा है कोई देखने वाला नही है । मोनू ने चुराये हुए संजय मामा के तंमचे से उसके सिर में गोली मार दी थी । संजय मामा की मौके पर ही मौत हो गयी थी । मोनू तत्काल मौके से भाग गया था । मोनू वर्ष 2019 में अलखान शिपिंग कम्पनी दुबई में कार्य करता था । अब मोनू को वहां वापस जाना था इसलिए मोनू ने सोचा कि यही सही समय है । अभियुक्त से तंमचे के बारे में पूछताछ की गयी तो बताया कि जिस तंमचे से मोनू ने संजय मामा को मारा है वह तंमचा मैने घेर के पीछे चरी के खेत में छुपा दिया था । 



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भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।