स्वरोजगार, उद्यम विकास, कृषि, एमएसएमई क्षेत्र की सरकारी ऋण योजनाओं के अंतर्गत विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ मेगा ऋण मेला

 मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार स्वरोजगार, उद्यम विकास, कृषि, एमएसएमई क्षेत्र की सरकारी ऋण योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, एमएसएमई, किसान क्रेडिट कार्ड आदि योजनाओं के अंतर्गत जिले के अग्रणी बैंक, केनरा बैंक, द्वारा मुख्य विकास अधिकारी श्री शशांक चैधरी की अध्यक्षता में मेगा ऋण मेले का आयोजन विकास भवन, सभागार मेरठ में किया गया। ऋण वितरण शिविर में बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों व शाखा प्रबंधक द्वारा मुख्य विकास अधिकारी के हाथों से लाभार्थियों को चैक वितरण किया इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक आर के सेठ द्वारा बताया गया कि जनपद के समस्त बैंकों द्वारा वृहत ऋण वितरण शिविर में 100 करोड़ के सापेक्ष 181.76 करोड़ का ऋण वितरण किया गया. इनके अंतर्गत बैंकों द्वारा कृषि हेतु 1823 लाभार्थियों को रुपये 38.16 करोड़, एमएसएमई हेतु 742 इकाई को रुपये 79.71 करोड़, गृह ऋण के अंतर्गत 241 लाभार्थियों को 20.83 करोड़, शिक्षा हेतु 5 लाभार्थियों को 1.08 करोड़ के साथ कुल 5407 लाभार्थियों को रुपये 181.76 करोड़ का ऋण निर्गत किया गया एवं लक्ष्य के सापेक्ष 181 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त की गयी इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कौशल, केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आर देवराज, पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एस० एन० गुप्ता, बैंक ऑफ बरोड़ा के क्षेत्रीय प्रबंधक हरीश अरोरा, इंडियन बैंक के उप क्षेत्रीय प्रबंधक एस० के० कापरी सहित सभी बैंको के अधिकारी, जिला समन्वयक एवं लाभार्थीगण उपस्थित रहे।



Popular posts from this blog

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।