विवादित बिल्डर सरकारी जमीनों पर कर रहा कब्जे,
एंकर- मेरठ रुड़की रोड स्थित शील कुंज कॉलोनी लगातार विवादों में घिर रही है क्योंकि शील कुंज कॉलोनी बनाने वाले बिल्डर ने एक व्यक्ति की जमीन कब्जा कर उस पर इमारत खड़ी कर दी है। इस बिल्डर के द्वारा स्कूल और चारागाह की जमीन भी कब्जाई गई है वह भी शील कुंज कॉलोनी में मिला दी गई। बिल्डर के इस कब्जे में साथ दिया है जिले के तमाम उन अधिकारियों ने जो इमारत खड़ी कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। व्यक्ति 3 साल से दर-दर की ठोकरें खा रहा है लेकिन रसूखदार बिल्डर के आगे अधिकारी भी नतमस्तक हो चुके हैं क्योंकि इस बिल्डर के साथ शामिल है एक आईएएस भी जिनका काला पैसा यह बिल्डर इमारत खड़ी करके सफेद करता है। पीड़ित व्यक्ति मेरठ जिले के उन तमाम अधिकारियों से मिल चुका है जहां से उसे इंसाफ की उम्मीद थी लेकिन उन अधिकारियों ने भी बिल्डर का साथ देते हुए उसको इंसाफ नहीं दिलाया। भाजपा सरकार का नारा था कि भू माफियाओं से प्रदेश को मुक्त कराया जाएगा लेकिन शायद यह नारा अब नारा ही रह गया है।
बता दे मेरठ रुड़की रोड स्थित शील कुंज कॉलोनी मैं मोहित बंसल नामक युवक ने लगभग 600 गज जमीन खरीदी थी लेकिन बिल्डर ने यह जमीन कब्जा ली और उस पर इमारत खड़ी कर दी जब उस बिल्डर से मोहित बंसल ने आपत्ति दर्ज की तो वह सफेद पोस नेता और आईएएस लॉबी के अधिकारियों के साथ मिलकर उल्टा मोहित बंसल को ही प्रताड़ित करने लगा यहां तक की मेरठ विकास प्राधिकरण के वीसी ने भी मोहित बंसल को इंसाफ नहीं दिलाया और लगातार दावा करते रहे उनकी जमीन को बिल्डर ने अलग कर दिया है लेकिन जो धरातल पर बिल्कुल भी नहीं दिखाई दे रहा । मेरठ विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारी बिल्डर के साथ मिलकर मोटी चांदी काट रहे हैं बिल्डर ने स्कूल की जमीन के साथ साथ ही चारागाह की जमीन पर भी कब्जा कर लिया जिस जमीन पर शील कुंज कॉलोनी बनाई गई है वह राइफल शूटिंग रेंज की जद में आती है जिसका नक्शा पास नहीं हो सकता था लेकिन ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से आज वहा इमारत बन कर खड़ी हो चुकी है और करोड़ों रुपए में यहां पर जमीन और फ्लैट बेचे जा रहे हैं।
शील कुंज कॉलोनी का मालिक अजय गुप्ता जो कभी रेनबो टेलर के नाम से पीएल शर्मा रोड पर एक दुकान चलाता था लेकिन आज अधिकारियों की मेहरबानी से एक बिल्डर बन चुका हैं ना जाने ऐसी कितनी सरकारी और गैर सरकारी जमीनों पर अजय गुप्ता ने कब्जा किया है क्योंकि नेता और अधिकारियों का संरक्षण हमेशा अजय गुप्ता को मिलता रहा। अजय गुप्ता लगातार विवादों में रहा लेकिन फिर भी शील कुंज में अधिकारी कार्यवाही तक नहीं कर पाए। शीलकुंज कॉलोनी का विवाद गहराता जा रहा है हाई कोर्ट,रेरा में भी कई मुकदमे शील कुंज कॉलोनी के खिलाफ हैं लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण की शह पर हाई कोर्ट को चुनौती देते हुए शीलकुंज कालोनी का निर्माण करा दिया गया यहां तक की पीड़ित की तरफ से न्यायालय का सहारा लिया गया कॉलोनी में निर्माण ना हो इसकी भी रोक लगाई गई थी लेकिन उसके बावजूद भी अधिकारियों की शह पर कालोनी में निर्माण ही नहीं हुआ बल्कि वहां पर लगातार मकान बनाकर बेचे भी जा रहे हैं। पीड़ित को इंसाफ नहीं मिल रहा लेकिन रजिस्ट्री धड़ल्ले से की जा रही है जो न्यायालय का अपमान भी है। यह भ्रष्ट अधिकारी आज अजय गुप्ता के आगे नतमस्तक हो चुके हैं अपने आप को मेरठ आइकन कहने वाला अजय गुप्ता ना जाने अब तक कितनी जमीनों पर कब्जा कर चुका है लेकिन ऐसे बिल्डर पर ना तो प्रदेश सरकार ही कोई कार्यवाही कर पाई और ना ही अधिकारी।
बिल्डर अजय गुप्ता की तरफ से कई बार पीड़ित को धमकी भी दी गई जिसके बाद पीड़ित ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के यहां भी शिकायती पत्र दिया था जिसमें उसने अपना और अपने परिवार के जानमाल का खतरा बिल्डर से बताते हुए सुरक्षा की मांग भी की थी। पाई पाई जोड़कर मोहित बंसल ने शील कुंज में जमीन खरीदी थी उस पर वह मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रहना चाहते थे लेकिन बिल्डर अजय गुप्ता की दबंगई के आगे अधिकारियों ने मोहित बंसल की कोई मदद नहीं की और अधिकारी भी बिल्डर अजय गुप्ता के साथ मिलकर चांदी काट रहे हैं। मेरठ ही नहीं उसके आसपास भी ना जाने कितनी शील कुंज जैसी कालौनी दूसरों की जमीन हथिया कर बना दी गई है केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार एक ही बात कहती थी,ना खाएंगे ना खाने देंगे लेकिन ऐसे भ्रष्ट अधिकारी जो ऐसे बिल्डरों के साथ मिलकर सरकारी जमीनों पर कब्जा करा रहे हैं उनकी तो चांदी कट रही है। इंसाफ की आस में पीड़ित मोहित बंसल दर-दर की ठोकरें खा रहा है लेकिन अभी तक भी उसको इंसाफ नहीं मिला। मेरठ जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तो बिल्डर के साथ मिलकर पीड़ित से यहां तक कह दिया कि कहीं और जमीन ले लो लेकिन शील कुंज की जमीन को छोड़ दो सरकार को बिल्डर अजय गुप्ता और आईएएस की जांच करानी चाहिए कि आखिरकार दर्जी का काम करने वाला एक व्यक्ति रातों-रात इतना बड़ा बिल्डर कैसे बन गया जबकि आईएस इस वक्त सेवानिवृत्त हो चुका है।
बाइट-मोहीत बंसल
पीड़ित।