शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय माधवपुरम मेरठ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र आयोजित किया गया
आज दिनांक 31 मार्च 2022 को शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय माधवपुरम मेरठ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र आयोजित किया गया। संगोष्ठी के दूसरे दिन दो तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राजकीय डिग्री कॉलेज फतेहपुर से डॉ हेमंत कुमार निराला, डॉक्टर बसंत कुमार, राजकीय डिग्री कॉलेज गोरखपुर से डॉ. मनीषा, डॉ. विनीता, डॉक्टर अनुष्का, राजकीय डिग्री कॉलेज ज्ञानपुर भदोही से डॉ कामिनी वर्मा एवं महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉक्टर ममता सागर और डॉक्टर अनुजा गर्ग द्वारा की गई। डॉ हेमंत कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि लैंगिक भेदभाव प्राचीन काल से ही व्याप्त है , आज केवल इसका स्वरूप बदल गया है। डॉक्टर मनीषा ने पुराणों, वेदों और ग्रंथों में महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. सुमन के अनुसार महिलाएं पुरुषों से शारीरिक रूप से अवश्य कमजोर हैं परंतु बौद्धिक रूप से कमजोर नहीं है और कार्यस्थल पर महिलाओं का प्रदर्शन बेहतर होता है परंतु प्रारंभिक जीवन से ही भेदभाव का सामना कर रही महिलाएं अपने अधिकारों और अपने साथ होने वाले भेदभाव को समझ नहीं पाती हैं। तकनीकी सत्र में कई शोध छात्राओं ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किये जिसमें शोध छात्रा चेतना, किरण, दीपा,ज्योति, राखी, ज्योति देवी प्रमुख रही। शोध छात्र चेतना के अनुसार लैंगिक भेदभाव नैसर्गिक ना होकर वैचारिक उत्पत्ति है जिसका उन्मूलन सामाजिक परिवर्तन से ही संभव है। शोध छात्रा दीपा ने लैंगिक भेदभाव के संबंध में व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। अन्य शोध छात्रा किरण के अनुसार नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने के आवश्यक कदमों में से एक है। शोध छात्रा ज्योति ने अपने शोध पत्र में मुस्लिम समाज में महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव पर प्रकाश डाला, वहीं राखी कंबोज ने लैंगिक भेदभाव में किन्नरों की स्थिति पर चर्चा की, एक अन्य शोध छात्रा ज्योति देवी ने लेखक हृदेश की रचनाओं में महिलाओं के साथ होने वाले आजीवन लैंगिक भेदभाव पर चर्चा की। उसके पश्चात संगोष्ठी का समापन सत्र आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर डॉक्टर जे,.एस. पुंडीर पूर्व कुलपति चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने की। अपने वक्तव्य में डॉक्टर पुंढीर ने लैंगिक भेदभाव का जिम्मेदार हमारे समाज और संस्कृति को ठहराया जिसके कारण ही महिलाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ राजीव कुमार गुप्ता क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी मेरठ रहे जिन्होंने अपने वक्तव्य में लैंगिक भेदभाव का प्रमुख कारण महिलाओं में निरक्षरता और अधिकारों की अनभिज्ञता को बताया। मुख्य वक्ता के रूप में राजनीतिक विज्ञान विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से डॉ अनुपम शर्मा उपस्थित रही जिन्होंने अपने उद्बोधन में लैंगिक भेदभाव को कम करने के उपायों पर प्रकाश डाला। सभी अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्रबुद्ध साथियों द्वारा बैज,पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। आयोजन सचिव डॉ गीता चौधरी एवं आयोजक मंडल के सदस्य डॉ.अमित कुमार व डॉ. भारती शर्मा को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ रविंद्र कुमार संगोष्ठी समन्वयक ने उपस्थित सभी अतिथि मंडल, मीडिया बंधु, महाविद्यालय स्टाफ एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ का संगोष्ठी के आयोजन को सफल बनाने हेतु आभार प्रकट किया । कार्यक्रम का संचालन डॉ उषा साहनी द्वारा किया गया, इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य एवं छात्राओं की उपस्थिति प्रशंसनीय रही।



