शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय माधव पुरम

 आज दिनांक 22-04-2022 को महाविद्यालय में "विश्व पृथ्वी दिवस" के अवसर पर प्राचार्य प्रो (डॉ.) अंजू सिंह की अध्यक्षता में इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन काउंसिल (आई.आई.सी.) के तत्वाधान में "अपने ग्रह में करें निवेश" विषय पर महाविद्यालय के स्मार्ट रूम मे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में आई.आई.सी. अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार ने "विश्व पृथ्वी दिवस" आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए पृथ्वी ग्रह के संरक्षण में छात्राओं एवं नागरिकों की भूमिका के बारे में बताया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. कुमकुम , असिस्टेंट प्रोफेसर -जंतु विज्ञान ने ग्लोबल वार्मिंग के कारणों एवं प्रभावों के बारे में छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त डॉ. कुमकुम ने ऑर्गेनिक फार्मिंग, पॉलीहाउस तथा ई-वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। डॉ. रोशनलाल, असिस्टेंट प्रोफेसर रसायन विज्ञान ने विश्व पृथ्वी दिवस मनाए जाने के इतिहास, ब्रह्मांड रहस्य , जैव विविधता विषय के संबंध में छात्राओं को जानकारी प्रदान की। तत्पश्चात आई.आई.सी. संयोजक डॉ. गीता चौधरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दिन हम सभी पृथ्वी संरक्षण हेतु कुछ निवेश करने का संकल्प लें तभी इस दिवस को मनाने की सार्थकता है। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. (डॉ) अंजू सिंह ने छात्राओं को पृथ्वी संरक्षण से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेते हुए व्यवहारिक प्रयासों हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के छोटे छोटे प्रयासों से ही बड़े लक्ष्य हासिल होंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमर ज्योति द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. भारती दीक्षित, डॉ. अनुजा गर्ग, डॉ. मोनिका चौधरी, डॉ. अलका चौधरी , डॉ. आवेश कुमार, डॉ. जितेंद्र बालियान, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. गौरी, डॉ. लव कुमार, डॉ. मुनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित रहे।



Popular posts from this blog

मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।