महाराणा प्रताप जयंती का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका चौधरी जी के द्वारा महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया

 कनोहर लाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में शासन द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रंखला में हिंदी विभाग और इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान  में दिनांक 9 मई 2022 को महाराणा प्रताप जयंती बड़े हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाई गई l महाराणा प्रताप जयंती का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका चौधरी जी के द्वारा महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके एवं दीप प्रज्वलित करके किया गयाl कुमारी दीक्षिका, बी.ए.प्रथम वर्ष की छात्रा ने महाराणा प्रताप जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालाl कुमारी तनु, बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा ने हल्दीघाटी के युद्ध का सजीव चित्रण प्रस्तुत कियाl कुमारी दिव्या,एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा ने कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप जी के अद्वितीय कार्यों पर प्रकाश डालाl कुमारी आकांक्षा एम. ए.द्वितीय वर्ष हिंदी की छात्रा ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व पर ओजस्वी वाणी में कविता प्रस्तुत की lमहाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका चौधरी जी ने महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में कहा कि आज वर्तमान समय में हमें उनके कर्मठ,ओजस्वी और यशस्वी व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है और महाराणा प्रताप के अद्वितीय व्यक्तित्व की विशेषताएं जैसे -कर्मठता, दृढ़ संकल्प इत्यादि को  अपने चरित्र में आत्मसात करने की भी आवश्यकता है l कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना जी के द्वारा किया गयाl कार्यक्रम का संयोजन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह एवं इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रीना जी के द्वारा किया गया। आजादी अमृत महोत्सव कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. वेणु वनिता और श्रीमती सोनिका नागर जी हैं l कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताएँ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं l





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मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।