आज़ादी का अमृत महोत्सव शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय
आज दिनांक 9 मई 2022 के दिन शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालयमिनट में अंग्रेज़ों के विरुद्ध प्रथम सशस्त्र क्रांति और क्रांति वीरों की गौरवान्वित करने वाली शौर्य गाथाओं पर सृजित कृतियों इस पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन अत्यंत उत्साह के साथ किया गयासत्तावन की क्रांति के 165 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर क्रांति दिवस की पूर्व संध्या पर छात्राओं द्वारा अत्यंत उत्कृष्ट एवं सजीव चित्रण की छात्राओं द्वारा पोस्टर के रूप में किया गया क्रांति शुरू होने एक दिन पूर्व नौ में ही को चर्बी लगे कारतूस का इस्तेमाल करने से मना करने वाले पिचासी सिपाहियों का कोर्ट मार्शल कर विक्टोरिया पार्क स्थित जेल में बंद कर दिया गया था सैनिकों पर हुई इस कार्यवाही व अपमान ने क्रांति को जन्म दिया और 10 मई को शाम होते होते अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ विद्रोह भड़क उठा इस आज़ादी की गाथा का प्रारंभ की क्रान्ति धरा मेरठ से हुआ था की छात्राओं द्वारा इस पोस्टर प्रतियोगिता में क्रांति की गाथा को दर्शाने वाले पृष्ठ सृजित किए गए और जिसमें निर्णायकों को अत्यंत कठिनाई से निर्णय करना पड़ा निर्णायक मंडल में डॉक्टर ममता सागर तथा डॉक्टर स्वर्णलता क़दम ने अपनी भूमिका को बख़ूबी निभाया प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे प्रथम स्थान कुमारी लक्ष्मी पुत्री श्री श्याम सुंदर एम ए द्वितीय सेमेस्टर द्वितीय स्थान कुमारी शिवानी चौधरी पुत्री श्री वीरपाल सिंह एम ए द्वितीय सेमेस्टर द्वितीय स्थान कुमारी मोहिनी मित्तल पुत्री श्री दिनेश मित्तल एम ए चतुर्थ सेमेस्टर तृतीय स्थान कुमारी अदीबा सैफी पुत्री श्री ईरशाद एम ए द्वितीय सेमेस्टर तृतीय स्थान कुमारी काजल सिंह पुत्त्री श्री मुकेश सिंह एम ए द्वितीय सेमेस्टर इस अवसर पर सह नोडल डॉक्टर शबीना परवीन डॉक्टर राजकुमार सिंह तथा शोधार्थी विशाल सरोज ने संपूर्ण आयोजन को संपन्न कराया और अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया प्राचार्या प्रोफ़ेसर डॉक्टर अंजू सिंह ने छात्राओं की प्रशंसा की और उन्हें निरंतर आज़ादी के मतवालों की गाथा को पढ़ने समझने और उससे प्रेरणा ग्रहण करने की विचारधारा रखी डॉक्टर अंजू सिंह ने मेरठ के क्रांति में योगदान को सर्वोपरि बताते हुए फ़्लॉप इस पर भी प्रकाश डाला कि किस प्रकार भारत इस क्रांति सेप्रारंभ होकर 1947 मैं आज़ादी पा सका नोडल अधिकारी डॉक्टर अनीता गोस्वामी ने ऑनलाइन माध्यम से छात्राओं को बधाई दी
