दिन में जल रहीं स्ट्रीट लाइट, फुंक रही बिजली,बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही

 मेरठ: शहर के अंदर खंभों पर लगी कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट दिन में जलती रहती हैं। इससे हर रोज हजारों यूनिट तक बिजली बर्बाद हो रही है। विद्युत विभाग को बड़ा नुकसान हो रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली की खपत बढ़ जाती है। विद्युत विभाग बिजली बचाव को लेकर तरह-तरह के उपाय करता है। लोगों को समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है। इसके बाद भी शहर में बिजली बचाव को लेकर कर्मचारी सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं।वार्ड नंबर- 48 के माधवपुरम चौकी के सामने स्ट्रीट लाइट्स सूरज को भी रोशनी दिखाती नजर आ आ रही हैं। दरअसल मामला यह है की कुछ गलियों और सड़कों पर रात मे भी स्ट्रीट लाईट नही जलती जबकि कुछ गलियों और सड़कों पर में पूरे पूरे दिन स्ट्रीट लाईट जलती रहती है इसका कारण स्ट्रीट लाईटो का डायरेक्ट कनेक्शन बताया जा रहा है बिजली विभाग लाखों रुपए की स्ट्रीट लाईट तो लगा सकता है लेकिन दस से पंद्रह रुपए का एक स्विच नही लगा सकता जिससे दिन मे इन स्ट्रीट लाईटो को ऑफ किया जा सके। बिजली विभाग के अधिकारी या कर्मचारियों की इस लापरवाही के कारण यहां बिजली की बर्बाद तो हो रही है, साथ ही स्ट्रीट लाइटो का दिन भर चालू रहने से जल्दी खराब होने की समस्या भी सामने आती रहती है और इन सब में कहीं न कहीं क्षेत्र के जिम्मेदार बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही को उजागर कर रहा है। बृहस्पतिवार को जब खोजी रिपोर्टर की टीम वार्ड नंबर-48 के माधवपुरम चौकी करण चेंबर से गुजर रही थी, तब लापरवाही के ये नजारे सामने आए। स्थानीय लोगों का कहना है यहां तो जलती रहती है भैया लाइट दिन हो या रात हो यहां से मात्र 10 कदम की दूरी पर बिजली घर है जो अधिकारी सुबह को ड्यूटी जाते उनकी नजरों के सामने रहती यह लाइट है जो दिन भर जलती रहती हैं मगर उन्हें कोई परवाह नहीं है 



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मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।