पत्रकार के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखना पुलिस को पड़ा भारी माननीय उच्च न्यायालय ने पत्रकार की याचिका पर डीजीपी से मांगा जवाब -

 


बांदा। फतेहगंज थाना क्षेत्र के अन्तर्गत पुलिस की सरकारी गाड़ी से डीजल चोरी की खबर प्रकाशित करने पर लखनउ से प्रकाशित एक दैनिक समाचार पत्र के जिला संवाददाता अंशू गुप्ता के खिलाफ थाना पुलिस ने भ्रामक खबर प्रकाशित करने का मुकदमा कई धाराअेां में दर्ज किया था। जिस पर वादी ने न्याय की गुहार लगाते हुए माननीय उच्च न्यायालय हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अंशू गुप्ता की याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से जवाब मांगा है। 

उधर जानकारी देते हुए पीड़ित पत्रकार अशू गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने उनके विरूद्ध साजिशन मुकदमा दर्ज किया है। जहां पर पुलिस मैकेनिक की दुकान दिखा रही है वह दुकान में गैस रिफिलिंग और साइकिल की दुकान है जिसका वीडियो भी मेरे पास है इसके पूर्व भी पुलिस ने जब उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने प्रेस कौसिंल आफ इण्डिया में शिकायत की थी। जिस पर पुलिस विभाग के अधिकारियों को प्रेस कौंसिल ने तलब किया था। इस बार भी उन्होंने सत्यता को दिखाने के लिए खबर का प्रकाशन किया। लेकिन पुलिस उनके खिलाफ खुन्नस के चलते मुकदमा दर्ज करा दिया। जिस पर उन्होंने अपने बचाव में हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका की। उनकी याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उनसे जांच में सहयोग करने के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही पुलिस विभाग के डीजीपी उत्तर प्रदेश से हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। वही पत्रकार के वकील राजेश कुमार निषाद ने बताया कि पत्रकार को सच का आइना दिखाना भारी पड़ गया है लेकिन माननीय उच्च न्यायालय हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है। क्योंकि जब भी पत्रकार के ऊपर मुकदमा लिखा जाता है तो पहले मुकदमा लिखने से पहले उनको नोटिस देना चाहिए और सूचना विभाग से पता करना चाहिए व नोटिस के बाद भी अगर खबर में खंडन नहीं किया जाता तो मुकदमा दर्ज होता है लेकिन पुलिस ने बिना जांच के ही मुकदमा दर्ज कर दिया और जहां पर पुलिस की गाड़ी से तेल निकल रहा है वह दुकान मैकेनिक न होकर साइकिल वाले की दुकान थी इस याचिका मे याची को पूर्ण आशा है की सही तरीके से निष्पक्ष जांच होती हैं तो पूर्ण आसा है न्याय मिलेगा।

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आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।