एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान

मेरठ एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत आज मा0 अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग डॉ देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में सर्किट हाऊस से विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ माननीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग डॉ देवेंद्र शर्मा एवं मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल द्वारा नशे के विरुद्ध अभियान की शपथ दिलाने के पश्चात हरी झंडी दिखाकर किया गया। अध्यक्ष ने कहा कि देश के युवा देश का भविष्य होते हैं, स्कूली छात्र-छात्राओ व युवाओ को नशे से मुक्त रखने के लिए प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमो के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं। अध्यक्ष ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुये कहा कि स्कूलों के 100 मीटर की परिधि के अंतर्गत किसी भी तंबाकू सिगरेट आदि की दुकान नहीं होनी चाहिए। 21 वर्ष से कम आयु के बच्चों के द्वारा मादक पदार्थ की बिक्री न की जाये। बच्चों के द्वारा भांग, ड्रग जैसी दवाइयां की बिक्री भी नहीं हो। उन्होने कहा कि समस्त विभागो की सहभागिता सुनिश्चित करते हुये देश के भविष्य को नशा मुक्त बनाये जाने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है। स्कूलों में प्रहरी क्लब की स्थापना की जा रही है जिससे बच्चों को नशे से दूर रखा जा सके। नशा बच्चों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को किस तरीके से नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, नशे के प्रति जागरूक करने हेतु शिक्षको को भी इस अभियान से जोडा गया है ताकि शिक्षण के दौरान नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बच्चो को बताया जा सके। मा0 अध्यक्ष ने जनपदवासियो से अपील करते हुये कहा कि दीपावली पर ‘‘एक युद्ध नशे के विरूद्ध’’ एक दीपक अवश्य जलायें।


 बच्चो की भिक्षावृत्ति के संबंध में उन्होने कहा कि ऐसे बच्चो के लिए भिक्षा से शिक्षा की ओर कार्यक्रम चलाया जा रहा है और उन बच्चो को स्पान्सर्स योजना से जोडा जा रहा है। मेरठ सहित प्रदेश के बच्चे नशे से मुक्त हो और मानसिक, शारीरिक रूप से स्वस्थ बने यही हमारा उद्देश्य है, इसी को ध्यान में रखते हुये समग्रता के साथ कार्यवाही की जा रही है। उन्होने कहा कि एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभियान अब जागरण से प्रकटीकरण की ओर है, जो कि आज विशाल रैली के रूप में देखा जा सकता हैं। अभियान में समस्त विभाग एवं ऐसे जनसमुदाय को जोडा गया है जिनका प्रभाव एक बडे वर्ग पर पडता है, जागरूकता एवं अन्य कार्यक्रमो के माध्यम से लक्षित वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। 


 इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर) ब्रजेश कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक, अपराध, प्र0 जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला मद्यनिषेध अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के कक्षा 9 व कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं, परिषदीय विद्यालयों के अध्यापक, एनसीसी स्काउट गाइड के साथ ही प्रशासन के समस्त विभागों के अधिकारियों बाल कल्याण समिति जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलि





स इकाई, महिला थाना व समस्त थानों के प्रभारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।