PRV 112 पर तैनात पुलिस वालों ने एक पार्टी में जाने के लिए मास्टर प्लान बनाया

 मेरठ पुलिस का चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है। PRV पर तैनात पुलिस वालों ने एक पार्टी में जाने के लिए मास्टर प्लान बनाया। खुद ही फर्जी बवाल की सूचना दी। कहा-झगड़ा हो गया है जहां प्राइवेट पार्टी होनी थी, वहां की लोकेशन बता दी। इसके बाद कंट्रोल रूम मैसेज सर्कुलेट होते ही, खुद को मौके पर हाजिर दिखाते हुए पार्टी के लिए निकल गए। पार्टी में पहुंचते ही पुलिस वालों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी- यहां सबकुछ सामान्य है, कंट्रोल में है। कुछ नहीं हुआ है। मामूली विवाद था। जो सॉल्व हो गया है। इसके बाद सभी पुलिस वाले पार्टी इंजॉय करने लगे।पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब UP-112 हेड ऑफिस से मेरठ SSP से घटना के संदर्भ में फीडबैक मांगा। इसके बाद SSP ने जांच बैठा दी। इस जांच में यह सामने आया कि पीआरवी में तैनात 4 सिपाहियों को पार्टी के लिए इनवाइट किया गया था। यह लोग सरकारी गाड़ी से पहुंचे। इसके बाद इन्होंने खूब जश्न मनाया।

पूरा मामला मवाना थाना क्षेत्र से जुड़ा है। डायल-112 के हेड कॉन्स्टेबल यशपाल सिंह, कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार और राजन को सस्पेंड किया गया है। जानकारी मुताबिक- इन चारों ने घटना के बारे में कबूल करते हुए माफी मांगी है।SSP विपिन ताडा से मिले निर्देश के बाद मवाना थाना पुलिस ने जांच की। कंट्रोल रूम को जिस फोन नंबर से कॉल आई थी। उस आदमी को दोबारा फोन किया गया। उससे फीडबैक मांगा गया। पूछा गया कि आपने जो सूचना दी, क्या पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इसके बाद आदमी ने पूरी घटना के बारे में बताया। उसने कहा- मैं अपने घर जा रहा था। तभी पुलिस की डायल-112 गाड़ी रुकी। एक सिपाही ने मुझसे कहा कि हमारे फोन में नेटवर्क नहीं है। इमरजेंसी है, बात करवा दो


Popular posts from this blog

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।