भक्ति का सूर्य कभी अस्त नहीं होगा
मेरठ इस्कॉन दिल्ली रोड के द्वारा गीता जयंती की पूर्व संध्या पर भव्य हरि नाम का आयोजन हुआ। यह वह तिथि है जिस दिन स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया। इस स्वर्णिम अफसर पर इस्कॉन जोनल चेयर मैन सुंदर गोपाल प्रभु का स्वागत विश्व योग प्रभु ने माला अर्पण करके किया।
सुंदर गोपाल प्रभु ने इस अवसर पर बताया की इस्कॉन के संस्थापक आचार्य शील प्रभुपाद ने गीता का प्रचार पूरे विश्व में किया और आज उनकी बदौलत 80 से अधिक भाषाओं में भगवत गीता प्रकाशित होती है जो गीता के ज्ञान का सूर्य शील प्रभुपाद में पूरे विश्व में उजागर किया है वह कभी अस्त नहीं होगा क्योंकि हर क्षण कोई ना कोई भगवत गीता का अध्ययन अवश्य कर रहा है और यही नहीं भगवत गीता में हमारी तमाम परेशानियों का समाधान भगवान ने पहले से ही बता रखा है।
इसके उपरांत छोटे बच्चों ने भगवत गीता के श्लोक सुनाएं अथवा उसका अनुवाद बताया और एक छोटे नाटक के माध्यम से युवाओं में भगवत गीता के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम के अंत में नरसिंह आरती हुई कार्यक्रम को पूर्णता सुचारू रूप से आयोजित करने में कृष्ण बंधु प्रभु, सत्यम स्तंभ प्रभु ,अनिल गोविंद प्रभु ,कमल केशव प्रभु ,आदि का योगदान रहा।





