एमआईटी में 22 मार्च से मृदंग-2025 का भव्य आगाज़ -23 मार्च को पंजाबी गायक अमर संधू की लाइव परफॉर्मेंस में झूमेंगे

 मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), परतापुर बाईपास में वार्षिक युवा महोत्सव "मृदंग-2025" का आयोजन 22 और 23 मार्च को किया जाएगा। इस सिलसिले में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि इस वर्ष का वार्षिकोत्सव "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" थीम पर आधारित होगा, जिसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान, बिहार और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों की समृद्ध संस्कृति, व्यंजन और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

महोत्सव के पहले दिन 22 मार्च को सोलो डांस, म्यूजिकल गायन, बैटल ऑफ बैंड्स, रैप बैटल, थीम-आधारित फैशन शो और डीजे नाइट जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां होंगी।

इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत "टॉयकाथॉन 2025" का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्र भारतीय संस्कृति, प्राचीन वेदों और पारंपरिक खेलों पर आधारित खिलौने बनाएंगे। इस पहल का उद्देश्य भारत में घरेलू खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना और विलुप्त हो चुके भारतीय खेलों को पुनर्जीवित करना है।

दूसरे दिन 23 मार्च को नुक्कड़ नाटक, ग्रुप डांस प्रतियोगिता और विजेताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण मशहूर पंजाबी गायक अमर संधू की लाइव परफॉर्मेंस होगी। अमर संधू अपने हिट गानों "बापू तेरे करके", "लव यू ट्रक भर के", "रिश्तेदारी", "चंगा लगदा", "काला तिल" और "एक मुंडा" के साथ मंच पर धमाल मचाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमआईटी के प्रेस प्रवक्ता अजय चौधरी, डॉ. गौरव शर्मा, प्रेम किशोर शर्मा, रितिमा, सोनल अहलावत सहित छात्र समन्वयक शिवांश, सचिन, प्रियंका, नियाश और प्रशांत मौजूद रहे। "मृदंग-2025" के माध्यम से एमआईटी छात्रों को सांस्कृतिक विविधता, नवाचार और मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा



।

Popular posts from this blog

मेरठ: कोनवे होटल में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 550 सीसीटीवी कैमरा की मदद से

भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना चंद्रशेखर आज़ाद ने की थी। यह संगठन दलित, पिछड़ा और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है। वहीं, नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं, और उनके किसी भी राज्य या शहर के दौरे के दौरान प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। कई बार सुरक्षा कारणों से स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं या कार्यकर्ताओं को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया जाता है, जिसे प्रशासन एहतियाती कदम बताता है। आपके संदेश में सरकार के रवैये, दलित समाज के मुद्दों और हाल के घटनाक्रम (जैसे कपसाड़ प्रकरण) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। लोकतंत्र में किसी भी वर्ग को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। साथ ही, प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी होती है।

आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को कनोहर स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर, निकट रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड पर किया गया। शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके पश्चात लक्ष्य गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० (डा०) किरण प्रदीप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए सात दिवसीय विशेष शिविर की प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना ‘शिक्षा के माध्यम से सेवा’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए छात्राओं में सामुदायिक सेवा की भावना, व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा युवाओं को सामाजिक समस्याओं के समाधान, राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि प्रो० (डा०) किरण प्रदीप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। तकनीकी ज्ञान, सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यावहारिक दक्षताओं के माध्यम से युवा आत्मविश्वास के साथ अपनी आजीविका अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल वृद्धि करने तथा नए-नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उत्तरदायित्व एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. राखी त्यागी ने कहा कि यह विशेष शिविर छात्राओं के लिए समाज सेवा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट अवसर है। शिविर के अंतिम सत्र में ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए। प्रथम दिवस माही, तनु, सविता, स्नेहा, सोफिया, लाएबा, खुशी सहित कुल 50 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता की। शिविर का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजीव माहेश्वरी एवं श्री सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।