HIIMS मेरठ की प्रेस वार्ता में आयुर्वेदिक उपचार से रोगमुक्ति के प्रमाण, रोगियों ने साझा कीं स्वास्थ्य सुधार की सच्ची कहानियाँ!!*
जिन्होंने मौत को मात दी:
*HIIMS मेरठ की प्रेस वार्ता में आयुर्वेदिक उपचार से रोगमुक्ति के प्रमाण, रोगियों ने साझा कीं स्वास्थ्य सुधार की सच्ची कहानियाँ!!*
मेरठ, 13 जून 2025 — शुद्धिग्राम HIIMS मेरठ में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान गंभीर और असाध्य माने जाने वाले रोगों से उबर चुके रोगियों ने अपनी असली ज़िंदगी की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं। ये सभी गवाहियाँ इस बात का साक्षात प्रमाण हैं कि जब आयुर्वेद को श्रद्धा, अनुशासन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाया जाए, तो वह असंभव को भी संभव बना सकता है।
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे:
प्राकृतिक चिकित्सा के प्रणेता आचार्य मनीष जी
आयुर्वेदाचार्य डॉ. अभिषेक गुप्ता (सह-संस्थापक, HIIMS)
डॉ. नेहा शर्मा (मुख्य आयुर्वेद विशेषज्ञ, HIIMS हॉस्पिटल्स)
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*कुछ ठीक हुए रोगियों की कहानियां निम्नलिखित हैं:*
*कैंसर से मुक्ति:*
निशामणि बेहेरा (ओडिशा):
आंख के पास कैंसर था। डॉक्टरों ने सर्जरी व कीमो की सलाह दी थी।
👉 HIIMS की DIP डाइट, फीवर थेरेपी और ज़ीरो वोल्ट थेरेपी से बिना सर्जरी के स्वस्थ हुईं।
शशिकला सिंह जी (प्रयागराज):
62 कीमोथेरेपी के बाद भी कोई राहत नहीं मिली थी।
*👉 HIIMS में मात्र 2 दिन में दर्द से पूर्ण राहत मिली और अब पूरी तरह स्वस्थ।*
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*लिवर सिरोसिस में अंतरराष्ट्रीय केस:*
नैंसी जी (न्यूज़ीलैंड):
लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई थी।
*👉 पंचकर्म चिकित्सा से 25 किलो वजन कम किया और पूरी तरह स्वस्थ — एसिडिटी व अन्य लक्षण समाप्त।*
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*किडनी रोग:*
श्री रोहित कुमार राय (नेपाल):
भर्ती के समय क्रिएटिनिन 5.9 और GFR 12.6 था।
*👉 मात्र 5 दिन में क्रिएटिनिन 4.8 और GFR 16.2 हो गया।*
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Paralysis से उबरने वाला केस:
श्री कैलाश चन्द जी:
कोमा में थे और शरीर का आधा हिस्सा लकवाग्रस्त था।
*👉 आचार्य जी द्वारा निर्देशित औषधियों और दिनचर्या से अब सामान्य जीवन जी रहे हैं।*
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*लाइफस्टाइल डिसऑर्डर में सुधार:*
श्रीमती मोहिंदर कौर जी:
डायबिटीज, थायरॉइड, बीपी, जोड़ों में जलन जैसी समस्याएँ थीं।
👉 5 दिनों में ही राहत मिली और दवाइयाँ आधी हो गईं।
श्री गुरमीत सिंह जी:
हाई बीपी व पीठ दर्द से परेशान थे।
*👉 अब बिना किसी दवा के स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।*
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*उद्बोधन:*
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में आचार्य मनीष जी, वैद्य अभिषेक गुप्ता और वैद्य नेहा शर्मा ने कहा:
> "यदि व्यक्ति संयम, श्रद्धा और नियमितता के साथ आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाए तो वह असाध्य से असाध्य रोगों को भी मात दे सकता है। HIIMS का उद्देश्य यही है — रोगियों को सर्जरी और कीमो से मुक्त कर प्राकृतिक जीवन की ओर लौटाना।"





